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Shimla News: 12 माह वेतन और 7000 रुपये मानदेय की मांग को लेकर मिड-डे मील कर्मियों का सचिवालय घेराव

Mon, 22 Jun 2026 04:42 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

सीटू के आह्वान पर हिमाचल के हजारों मिड-डे मील कर्मियों ने शिमला में सचिवालय तक रैली निकालकर 12 माह वेतन, 7000 रुपये मानदेय और नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पढ़ें पूरी खबर...
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सचिवालय के बाहर मिड-डे मील कर्मियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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मिड-डे मील वर्कर्ज यूनियन (सीटू) के आह्वान पर सोमवार को प्रदेशभर के हजारों मिड-डे मील कर्मियों ने शिमला में विशाल प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टालैंड से सचिवालय तक रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया।

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रैली को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और राज्य कोषाध्यक्ष जगत राम ने कहा कि मिड-डे मील कर्मियों ने अपने संघर्ष और एकजुटता के बल पर रोजगार और अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों के विलय, क्लस्टर योजना, केंद्रीय किचन और निजीकरण जैसी नीतियों से हजारों कर्मियों का रोजगार खतरे में पड़ गया है।
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मिड-डे मील वर्कर्ज यूनियन के राज्य अध्यक्ष संदीप कुमार, महासचिव शांति देवी और राज्य कोषाध्यक्ष सपना ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 10 माह के बजाय 12 माह का वेतन देने संबंधी फैसले को सरकार अब तक लागू नहीं कर सकी है। इसके बजाय मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि 25 बच्चों की शर्त, स्कूलों के विलय और ठेकाकरण जैसी व्यवस्थाओं का यूनियन विरोध करेगी।

यूनियन नेताओं ने बताया कि प्रदेश में करीब 21 हजार मिड-डे मील कर्मी कार्यरत हैं, जिन्हें केंद्र सरकार के अंशदान सहित केवल 5000 रुपये मासिक मानदेय मिलता है और वह भी साल में सिर्फ 10 महीनों के लिए। उनका आरोप है कि पिछले 17 वर्षों में केंद्र सरकार ने मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की।

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प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा की तर्ज पर 7000 रुपये मासिक वेतन, 12 माह का वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, पेंशन, कर्मचारी मुआवजा, 20 आकस्मिक अवकाश, दो वर्दियां, समय पर वेतन, 25 बच्चों की शर्त समाप्त करने, योजना को 10+2 तक लागू करने तथा मल्टी टास्क वर्कर भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

रैली के बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल को शिक्षा मंत्री के साथ जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया गया। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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