संघ सदस्यों ने कहा कि संघ एनएचएम में चिकित्सकों को ट्रेनिंग न मिलने का भी विरोध करता है। मांग की कि प्रदेश में चिकित्सकों को कांट्रेक्ट पर न रखा जाए। प्रदेश प्रधान ने कहा कि जल्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से बैठक की जाएगी।
संघ ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में 330 जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध नहीं होती हैं। हर बार दवाइयों के लिए चिकित्सकों को जिम्मेवार ठहराया जाता है, लेकिन असल में अस्पतालों में पूरी जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध ही नहीं करवाई जाती हैं।
दवाइयों की गुणवत्ता और कीमत में सुधार होना चाहिए। कहा कि प्रदेश में खुल रहे मेडिकल कॉलेजों में बाहर से स्टाफ की नियुक्ति की जा रही है, जबकि प्रदेश में चिकित्सक और अधिकारी अरसे से प्रमोशन की राह देख रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य कोई भी सेवानिवृत्त व्यक्ति न हो। ऐसा व्यक्ति जिसकी आयु 62 वर्ष से अधिक हो प्रधानाचार्य नहीं होना चाहिए। संघ ने इन मांगों पर प्रस्ताव भी पारित किया।
इस दौरान मुख्य सलाहकार डॉ. संत राम, डॉ. ओमपाल शर्मा, उपप्रधान डॉ. राजेश राणा, सीनियर उपप्रधान डा. देवेंद्र सहित डॉ. हीरा लाल, डॉ. विकास, डॉ. विनय और डॉ. हर्षवर्धन आदि मौजूद रहे।