नेहा कहती हैं कि अब तक महिलाएं सिर्फ स्कूटी, कार, बस चला रही हैं, लेकिन ट्रक चलाने का शौक बहुत कम रखती हैं। महिलाएं ट्रक जैसे भारी वाहन को चलाने में भी आगे आएं और दिखा दें कि महिलाएं सब कुछ कर सकती हैं।
एयर हॉस्टेस की ट्रेनिंग करने के बाद सरकाघाट क्षेत्र के खुडला पंचायत की नेहा ट्रक दौड़ा रही हैं। उनके पिता ट्रांसपोर्टर हैं और उनके अपने ट्रक हैं। नेहा बचपन का शौक पूरा करने के साथ-साथ पिता के व्यवसाय में उनका हाथ बंटाने के लिए ऐसा कर रही हैं। नेहा को बचपन से ट्रक चलाने का शौक है। जिसे वे पूरा कर रही हैं। नेहा कहती हैं कि अब तक महिलाएं सिर्फ स्कूटी, कार, बस चला रही हैं, लेकिन ट्रक चलाने का शौक बहुत कम रखती हैं।
विज्ञापन
महिलाएं ट्रक जैसे भारी वाहन को चलाने में भी आगे आएं और दिखा दें कि महिलाएं सब कुछ कर सकती हैं। नेहा के पिता मनोज कुमार का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है और उनके पास अपने ट्रक हैं। वह खुद भी ट्रक चलाते हैं उनको देख कर ही नेहा के मन में बचपन से ही ट्रक चलाने की इच्छा पैदा हुई। कई बार वह पिता के साथ ट्रक चलाना सीखती और धीरे-धीरे ट्रक चलाने में माहिर हो गईं। नेहा ने कहा कि उसने 12वीं पास करने के बाद एयर होस्टेस की ट्रेनिंग की है। उसके बाद उसने स्नातक की पढ़ाई भी की। मगर, ट्रक चलाने का शौक नहीं भूला।
यू ट्यूब पर मिल रही पहचान, बाहर के देशों से मिल रहे ऑफर
नेहा ने बताया कि उन्होंने अपना अनुभव यू ट्यूब के जरिये शेयर किया। इसके बाद उसे काफी पहचान मिल रही है। उसे कई बाहरी देशों और राज्यों से बतौर चालक के ऑफर भी मिले हैं।