आलू की खेती का वर्तमान सीजन उपज के लिहाज से कई वर्षों के मुकाबले बेहतर रहा है। आलू बीजने के तुरंत बाद बेमौसम बारिश से बीज खराब हो गया था। किसानों को दोबारा बीज लगाना पड़ा जिससे दोहरा खर्च हुआ।
हालांकि, बाद में सिंचाई योग्य पानी मिलने से पैदावार अच्छी हुई है। किसानों का कहना है कि जब पैदावार अच्छी हुई तो दाम बेहद कम हो गए हैं। इससे उनकी मेहनत और नफे की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
आलू की फसल को मंडी लेकर जाएं किसान
कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेश कपूर ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आलू की फसल को कम दामों पर व्यापारियों को न दें। किसान सुबह के समय मंडी में पैदावार लेकर आएं और मंडी में कृषि विभाग के मार्केटिंग सदस्य से मिलकर अपनी पैदावार का सौदा करें।