Himachal Landslide: कुल्लू में फिर भूस्खलन, दो मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
Tue, 09 Sep 2025 11:50 AM IST
शाहरुख खान
संवाद न्यूज एजेंसी, (निरमंड) कुल्लू/रामपुर बुशहर।
सार
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक बार फिर से भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया। जिसमें पांच लोग दब गए। हादसे में पांचों के शव बरामद हो चुके हैं।
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हिमाचल प्रदेश में मौसम खुलने के बाद भी बादल फटने और भूस्खलन होने की घटनाएं जारी हैं। बीती रात निरमंड उपमंडल के शर्मानी गांव में हुए भारी भूस्खलन होने से काफी तबाही मची। यहां एक मकान में सो रहे परिवार पर भूस्खलन के कारण एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मलबे में दबने के कारण मौत हो गई। वहीं घटना परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हो गए, जिन्हें निरमंड में प्राथमिक उपचार देने के बाद रामपुर के खनेरी अस्पताल रेफर किया गया है।
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गौर हो कि कुल्लू जिले के निरमंड विकास खंड की घाटू पंचायत में भारी भूस्खलन हुआ। भूस्खलन की चपेट में शमारनी गांव का एक घर जमींदोज हो गया। इस हादसे एक परिवार के 8 लोग मलबे में दब गए। इनमें से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्यों को ग्रामीणों ने मलबे से सुरक्षित निकाला। पीड़ित धर्मदास और शिवराम का परिवार इस मकान में रहता था। शिवराम खुद तो घायल हुए हैं, लेकिन उनका पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया। शिवराम की पत्नी तृप्ता देवी, बेटा चुन्नी लाल, बहू अंजना कुमार, सात वर्षीय पोती जागृति और पांच वर्षीय पोते भोपेश की मलबे में दबने से मौत हो गई। हादसे में शिवराम और उनके भाई धर्मदास और उसकी पत्नी कला देवी तीनों घायल हुए हैं। धर्मदास का बेटा घर पर नहीं था, जिसके कारण वह हादसे का शिकार होने से बच गया। घटना पर सीएम सुक्खू ने शोक जताया है।
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बताते चलें कि बीती रात करीब ढाई बजे घाटू पंचायत के शर्मानी गांव में पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे दोनों भाईयों का मकान जमींदोज हो गया। भूस्खलन की चपेट में आए घर में सो रहे एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने घटना के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू किया और लापता लोगों की तलाश की। काफी देर तलाश करने के बाद मलबे से एक शव निकला, जबकि मंगलवार सुबह करीब छह बजे एनडीआरएफ और प्रशासन का रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा और मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की। करीब छह घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान लापता चार शवों को भी मलबे से बाहर निकाला गया। गांव के तीन से चार घरों को भूस्खलन से नुकसान हुआ है।
घाटू पंचायत प्रधान भोगा राम ने बताया कि परिवार के तीन सदस्यों को सुबह 6 बजे तक मलबे से निकाला जा चुका था। इस हादसे में मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। घायलों को निरमंड अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद रामपुर अस्पताल रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण आसपास के घरों को भी खतरा बना हुआ है।
चंबा-भरमौर एनएच 14 दिन बाद छोटे वाहनों के लिए बहाल
चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे चौदह दिन बाद बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लारजी-बंजार एनएच भी छोटे वाहनों के लिए खुल गया है। बंजार के सैंज में हेलिकाप्टर से 30 क्विंटल राशन पहुंचाया गया। कुल्लू से मनाली हाईवे बहाल करने का कार्य भी तेजी से चल रहा है। गगल एयरपोर्ट पर सोमवार को सभी उड़ानें समय पर पहुंचीं।
तीन एनएच सहित 744 सड़कें बंद
शिमला में खराब मौसम के चलते हवाई सेवाएं ठप रहीं। सोमवार शाम तक प्रदेश में तीन एनएच सहित 744 सड़कें, 959 बिजली ट्रांसफार्मर और 472 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। हालांकि 14 सितंबर तक कोई भी अलर्ट नहीं है।
कुल्लू से मनाली हाईवे बहाली का कार्य जारी
कुल्लू जिले में रविवार रात को करीब दो घंटे और सोमवार शाम को बारिश हुई। इससे जिले की सड़कों को सुचारु करने के कार्य में खलल पड़ा। एनएचएआई ने हाईवे-305 को लारजी से बंजार तक छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है। इसके अलावा यहां एयरटेल की मोबाइल सेवा को भी रिस्टोर कर दिया है। चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे दो सप्ताह के बाद छोटी गाड़ियों के लिए बहाल हो गया।
अभी भी जिले में 94 सड़कें बंद हैं, जबकि 104 ट्रांसफार्मर बंद होने से 520 गांवों में अंधेरा ही पसरा हुआ है। भारी बारिश के बाद नालों-खड्ढों में बढ़े जलस्तर से 34 पेयजल योजनाएं बंद हैं। इस कारण लोगों को मीलों दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ऊना जिले में सोमवार सुबह और दोपहर को बारिश हुई। जिन स्थानों पर सड़क खोलने का कार्य चल रहा है, वहां बार-बार बारिश से प्रभावित हो रहा है।
हमीरपुर में दिनभर रुक-रुक कर बारिश हुई। कांगड़ा जिले में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा और दोपहर बाद धर्मशाला सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। सुबह के समय मौसम साफ रहने के चलते गगल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें समय पर पहुंचीं। राजधानी शिमला में दोपहर को बूंदाबांदी हुई। तापमान में कमी दर्ज होने से सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
कुल्लू में बाढ़ का कहर, घरों में घुसा मलबा
जिला कुल्लू के पाहनाला क्षेत्र के शिलीराजगिरी पंचायत में शगाड़ गांव में सोमवार देर शाम को भारी बारिश होने से बाढ़ आ गई। बाढ़ के मलबे से गांव में लोगों में अफरा तफरी मच गई और कई घरों व बगीचों में बाढ़ का मलबा घुस गया है। एसडीएम कुल्लू निशांत कुमार ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।