मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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हिमाचल लैंड सीलिंग एक्ट 1972 में संशोधन होगा और बेटी अलग इकाई गिनेंगे। एक्ट में संशोधन करके अब बेटों की तरह बेटी को भी अलग इकाई गिना जाएगा। अभी तक परिवार में सिर्फ बेटे को अलग इकाई गिना जाता रहा है। इस तरह से लड़कियां अपने अधिकार से वंचित रहती थीं। राजस्व विभाग में ऑनलाइन पंजीकरण के कार्य को 175 उप रजिस्ट्रार कार्यालयों में सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा पूरे प्रदेश में होगी। हमीरपुर में स्वामित्व योजना की सफलता के बाद सरकार अन्य सभी जिलों में यह कार्य करने का लक्ष्य रखा है। हिमाचल प्रदेश भू कोड और भू-अभिलेख मैनुअल का संशोधन होगा। 30 साल पुराने इन नियमों का संशोधन और सरलीकरण जरूरी हो गया है। नियमों में संशोधन से म्यूटेशन और डिमार्केशन को समयबद्ध किया जा सकेगा।
भूकंप लैब एवं डाटा एनालिसिस सेंटर होगी स्थापित
आपदा मित्र योजना के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से 2024 तक हिमाचल हिमाचल प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन, और भूकंप की आशंका वाले नौ संवेदनशील जिलों में 1500 सामुदायिक स्वयं सहायकों को प्रशिक्षित करेंगे। लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में मौसम की जानकारी के लिए डॉप्लर रडार स्थापित होंगे। कांगड़ा या हमीरपुर क्षेत्र में भूकंप लैब एवं डाटा एनालिसिस सेंटर स्थापित होगा। फ्रांस विकास बैंक के माध्यम से 800 करोड़ रुपये के आपदा खतरा कम करने और तैयारी के लिए प्रोजेक्ट स्वीकृति दिलाने में गति लाई जाएगी।
देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों में हर साल होगा हिमाचल उत्सव
देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों में हर साल हिमाचल उत्सव होगा। इसके माध्यम से प्रदेश की संस्कृति और कला का प्रचार प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा शिमला के बैंटनी कैसल को जल्द पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। बैंटनी कैसल में सैलानियों के मनोरंजन के लिए वर्चुअल और डिजिटल संग्रहालय की स्थापना होगी। पार्क के साथ मानव संग्रहालय स्थापित किया जाएगा।