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हिमाचल: लाखों राशन उपभोक्ता करते रहे इंतजार, रिफाइंड तेल सप्लाई से कंपनी का इन्कार

Wed, 24 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh रविंद्र शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना।

सार

प्रदेश के सरकारी राशन डिपुओं में पिछले तीन महीनों से रिफाइंड तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है। इसका असर सीधे लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। 
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रिफाइंड तेल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कच्चे तेल की वैश्विक कमी, सप्लाई चेन में लगातार आ रही बाधाएं और अंतरराष्ट्रीय तनावों का असर अब प्रदेश के आम आदमी की रसोई तक दिखाई देने लगा है। प्रदेश के सरकारी राशन डिपुओं में पिछले तीन महीनों से रिफाइंड तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है। इसका असर सीधे लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। खाद्य आपूर्ति निगम ने रिफाइंड तेल की सप्लाई करने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जवाब तलब किया है। निगम के सूत्रों के अनुसार प्रदेश के डिपो में रिफाइंड तेल सप्लाई करने का टेंडर जिस कंपनी को दिया गया था, उसने अब वैश्विक संकट का हवाला देकर सप्लाई करने से साफ इन्कार कर दिया है।

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कंपनी ने दिया ये तर्क

कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कमी, सप्लाई चेन में व्यवधान और बढ़ते वैश्विक तनावों के कारण रिफाइंड तेल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। रिफाइनरियों को पर्याप्त कच्चा माल नहीं मिल रहा। इसके अलावा कच्चे तेल के दाम भी आसमान छू रहे हैं। रिफाइंड तेल की सप्लाई नहीं करने के मामले में खाद्य आपूर्ति निगम ने सख्ती दिखाते हुए कंपनी से जवाब मांगा है, जिसमें सप्लाई रोकने के कारणों और मौजूदा परिस्थितियों का विस्तृत ब्योरा देने को कहा गया है। कंपनी की ओर से दस्तावेज मिलने के बाद निगम अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज देगा।

प्रदेश में 5,078 उचित मूल्य की दुकानें 

प्रदेश में करीब 5,078 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनके माध्यम से लगभग 19.48 लाख राशन कार्डधारकों और 74 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। पिछले तीन महीनों से डिपो में रिफाइंड तेल नहीं पहुंच पाया है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उधर, तीन महीने से रिफाइंड तेल न मिलने के कारण प्रदेशभर के उपभोक्ताओं को मजबूरन खुले बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह संकट घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बनता जा रहा है। लंबे समय से जरूरी खाद्य वस्तु की आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। संवाद

विभाग ने ये कहा

रिफाइंड तेल की सप्लाई न करने को लेकर कंपनी से जवाब मांगा है, कंपनी को दस्तावेज मुहैया करवाने को कहा गया है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर अंतिम निर्णय लेने के लिए प्रदेश सरकार को भेज दिया जाएगा। -राजेश्वर गोयल ,एमडी, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम

राजस्थान से सरसों तेल की आपूर्ति शुरू, एक हफ्ते में पहुंचेगी सप्लाई

उधर, प्रदेश में सरसों तेल की आपूर्ति को लेकर चल रही अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो गई है। राजस्थान से तेल की सप्लाई शुरू हो चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। आपूर्ति कंपनी अगले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश की 121 होलसेल दुकानों तक सरसों तेल पहुंचा देगी। खाद्य आपूर्ति निगम ने पहले 15 जून से तेल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था, लेकिन पैकिंग मटेरियल के आयात में दिक्कतों के कारण सप्लाई अटक गई थी। स्थिति को देखते हुए निगम ने आपूर्तिकर्ताओं के साथ बैठक कर इस समस्या को सुलझाया, जिसके बाद अब राजस्थान से गाड़ियां आना शुरू हो गई हैं। लगभग दो महीने बाद डिपुओं में सरसों का तेल उपलब्ध होगा, हालांकि इस बार उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले सात रुपये प्रति लीटर महंगा तेल मिलेगा।

 
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27 लाख लीटर खाद्य तेल के ऑर्डर दिए

निगम ने प्रदेश के 27 लाख लीटर खाद्य तेल के ऑर्डर जारी किए हैं। इस बार डिपुओं में बीपीएल और एपीएल उपभोक्ताओं को 160 रुपये प्रति लीटर, जबकि आयकर दाताओं को 167 रुपये प्रति लीटर की दर से तेल दिया जाएगा। इसके साथ ही निगम जल्द ही रिफाइंड तेल के टेंडर भी करने जा रहा है।खाद्य आपूर्ति निगम के एमडी राजेश्वर गोयल नवे कहा कि प्रदेश की होलसेल दुकानों में इस सप्ताह के अंत तक सरसों के तेल की सप्लाई पहुंच जाएगी। राजस्थान से गाड़ियां आना शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा रिफाइंड तेल की टेंडर प्रक्रिया भी की जा रही है।
 
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