हिमाचल और लद्दाख के बीच डेढ़ दशक पुराना सीमा विवाद अब जल्द ही सुलझ सकता है। गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद सर्वे ऑफ इंडिया ने हिमाचल और लद्दाख की सीमा को लेकर एक नया मानचित्र तैयार किया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि डेढ़ दशक पुराना सीमा विवाद अब जल्द सुलझ जाएगा।
लगभग डेढ़ दशक पहले हिमाचल की सरहद पर लद्दाख की तरफ से कुछ पर्यटन कारोबारियों ने घुसपैठ कर व्यावसायिक गतिविधियां आरंभ कर दी थीं। मामला सामने आने के बाद हिमाचल की विधानसभा में भी यह मुद्दा गूंजता रहा। सीमा विवाद को लेकर हिमाचल और लद्दाख प्रशासन की कई बैठकें भी हुईं।
सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने भी एक बार सरचू का दौरा किया था। लेकिन डेढ़ दशक तक यह मामला बेनतीजा रहा। बताया जा रहा है कि सरचू सरहद पर इस मामले को लेकर हिमाचल और लद्दाख के कारोबारियों के बीच कई बार कहासुनी भी हुई। हिमाचल सरकार दावा करती आई है कि लद्दाख के कारोबारी हिमाचल की सीमा के अंदर करीब 10 तक घुस आए हैं। पिछले कुछ सालों में सरचू एक विख्यात पर्यटन स्थल के रूप में उभरकर सामने आया है।
मनाली से लेह की तरफ रवाना होने वाले लाखों पर्यटक सरचू में एक रात विश्राम करते हैं। लिहाजा, यहां पर दर्जनों पर्यटक कैंप लगाते हैं। माना जा रहा है कि रोहतांग सुरंग बनने के लिए पर्यटन के लिहाज से सरचू का महत्व और भी बढ़ जाएगा। समय रहते सरचू सीमा विवाद का सुलझ जाना ही बेहतर होगा। बीते साल मंडी मंडलायुक्त विकास लाबरू ने भी विवाद को समाप्त करने की पैरवी की थी।
इस संबंध में सहायक आयुक्त अमर नेगी ने कहा कि सर्वे ऑफ इंडिया ने सीमा विवाद सुलझाने के लिए नया मानचित्र तैयार किया है। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि सीमा विवाद सुलझाने के लिए हिमाचल सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। सर्वे ऑफ इंडिया के नए मानचित्र के आधार पर लद्दाख और हिमाचल के बीच सीमा विवाद सुलझाया जा सकेगा।