इससे पहले ही हिमाचल सीमा सरचू व दूसरी ओर शिकुंला की तरफ भी चल रहे विवाद को भी खत्म कर जिसकी जमीन होगी, उन्हें कारोबार करने का हक होगा। अब हिमाचल सीमा सरचू व दूसरी ओर शिंकुला विवाद सुलझने की पूरी संभावना है। लाहौल-स्पीति जिप के चेयरमैन रमेश रूअलवा ने पिछले हफ्ते इसी मसले को लेकर सांसद राम स्वरूप शर्मा को पत्र लिखा है।
जिसमें उन्होंने रोहतांग टनल के बन जाने के बाद सरचू के एक नया पर्यटन स्थल बनने की बात कही है। सांसद राम स्वरूप शर्मा ने बताया कि मामला काफी समय से चल रहा है। लेह-लद्दाख को केंद्र शसित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद अब इस सीमा विवाद की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए यह मुद्दा संसद में रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष भी यह बात रखी गई है।