किसान सभा और सेब उत्पादक संघ ने किया विधानसभा मार्च
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भूमि नियमितिकरण और जमीन की बेदखली के खिलाफ हिमाचल किसान सभा तथा सेब उत्पादक संघ ने बजट सत्र के नौवें दिन वीरवार को विधानसभा मार्च किया। मार्च पंचायत भवन से विधानसभा के लिए शुरू हुआ। इस दौरान प्रदेशभर से हजारों की संख्या में किसान-बागवान तख्तियां और बैनर लेकर चाैड़ा मैदान में एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया।
उन्होंने 1980 के वन संरक्षण अधिनियम में उचित संशोधन, भूमिहीन किसानों को 5 बीघा कृषि भूमि देने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नितियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंत्रियों के साथ रैली स्थल पर पहुंचे और सभा के प्रतिनिधिमंडल से मांगों को लेकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन में किसान नेता राकेश सिंघा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी सभी बेदखलियां नियमों की अवहेलना करके की जा रही हैं। यह बेदखली अभी भी जारी है और राज्य के विभिन्न हिस्सों में कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना तथा बिना उचित सीमांकन के आवासीय मकानों को सील किया जा रहा है। यहां तक की उन मकानों को भी नहीं बख्शा जा रहा है जो नौतोड़ पॉलिसी के तहत स्वीकृत भूमि पर बनाए हैं।
नियमों के तहत नहीं मिल रहा मुआवजा : डॉ. कुलदीप
किसान सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि सरकार जल विद्युत परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, हवाई अड्डों तथा अन्य विकासात्मक गतिविधियों के निर्माण के लिए जमीन ली जा रही है लेकिन मुआवजा नियमों के तहत नहीं मिल रहा। इसमें पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों को लागू किए बिना भूमि अधिग्रहण किया जा रहा हैै, यह गलत है।
पहले मांगे आवेदन, अब दे रहे रहे नोटिस : चौहान
सेब उत्पादक संघ के सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश विधानसभा ने वर्ष 2000 में भूमि राजस्व अधिनियम 1953 में धारा 163 को शामिल करके संशोधन किया था। इसके तहत 1,67,339 किसानों ने शपथ पत्र भरकर कब्जा की सरकारी भूमि के नियमितीकरण के लिए आवेदन दिए थे अब लेकिन पब्लिक प्रिमसिज एक्ट के तहत कब्जे वाली भूमि खाली करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके खिलाफ किसान 28 अप्रैल को उपमंडल, खंड और तहसील स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान सभा के पूर्व महासचिव डॉ. ओंकार शाद, सेब उत्पादक संघ अध्यक्ष सोहन ठाकुर, कुशाल भारद्वाज, नरायण चौहान, पूर्ण ठाकुर, देवकी नंद, सतपाल, राजेंद्र ठाकुर सहित किसान-बागवान माैजूद रहे।