हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बीते रविवार को सांगला-छितकुल मार्ग पर बटसेरी में पहाड़ी से गिरीं चट्टानों से नौ पर्यटकों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन अब कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। फैसला लिया गया है कि पहले भू वैज्ञानिक पहाड़ी से गिर रहीं चट्टानों की वजह तलाशेंगे। बुधवार से गुंसा की पहाड़ी पर जियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया की टीम सर्वे शुरू कर देगी। सर्वे की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
उसके बाद ही तय किया जाएगा कि सांगला-छितकुल मार्ग को अभी बहाल करना है या नहीं। इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगाई गई है। सेरिंगचे, बटसेरी और छितकुल की ओर पुलिस कर्मचारी और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। तीन पंचायतों के लोगों और भारतीय सेना के जवानों के लिए बिजली, पानी की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जोरशोर से काम चल रहा है।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि जियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया की टीम बुधवार से काम शुरू कर देगी। जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय जानकारों की भी एक टीम गठित की जाएगी। यह सर्वे दो से तीन दिन तक चलेगा। बंद पड़े सड़क मार्ग को अभी नहीं खोला जाएगा। मेडिकल इमरजेंसी में ही इस मार्ग से आवाजाही की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि सर्वे की रिपोर्ट आने तक प्रभावित क्षेत्र की ओर न जाएं।