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चीन सीमा तक पहुंच बनाने को 11 हजार फीट ऊंचाई पर सड़क बना रहा भारत

Mon, 27 Nov 2017 12:38 PM IST
बीरबल नेगी/अमर उजाला, सांगला (किन्नौर)
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चीन सीमा तक पहुंच बनाने के लिए किन्नौर जिले के अति दुर्गम क्षेत्र में एक और सड़क तैयार की जा रही है। ठंगी से चारंग तक 20 किलोमीटर सड़क को पक्का करने का काम जोर-शोर से चल रहा है।
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इंडो-चाइना बॉर्डर रोड योजना के तहत सड़क को टू-लेन बनाया जा रहा है। सड़क के अंतिम छोर चारंग से चीन सीमा मात्र 10 किलोमीटर दूर है। आबादी चारंग तक ही है। इसके आगे सेना और आईटीबीपी की पोस्ट हैं।

सड़क बनने से ग्रामीणों और सेना के जवानों को बड़ी राहत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने इस वर्ष सड़क की मेटलिंग, टारिंग, सड़क को चौड़ा करने के साथ-साथ कई जगह ड्रेनेज और पैरापिट बना दिए हैं। क्यारबू नाले पर 150 फीट लंबे बैली ब्रिज का निर्माण किया जा चुका है।
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11 हजार फीट की ऊंचाई पर बन रहा पुल

इन दिनों करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर शुरतिंग नाले पर 180 फीट लंबा पुल बनाया जा रहा है। इन दिनों नाले का बहाव कम है, इस कारण निर्माण कार्य जारी है। पुल का लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

लोनिवि कल्पा के एक्सईएन एमआर नेगी ने बताया कि ठंगी से चारंग तक सड़क पर 28 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। क्यारबू के बाद शुरतिंग नाले पर पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।

एक अन्य पुल बनना बाकी है। सड़क की हालत सुधरने से चीन सीमा से सटे कुन्नो-चारंग गांव की 530 आबादी और सीमा पर तैनात आईटीबीपी और सेना के जवानों को सहूलियत मिलेगी। सामरिक महत्व का मार्ग अहम भूमिका निभाएगा।
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किन्नौर के कई मार्ग पहुंचाते हैं चीन सीमा तक

ठंगी-चारंग के अलावा छितकुल, ताशीगंग, नमज्ञा, ऋषि कंडा और नेसंग संपर्क मार्ग भी हैं जो चीन बॉर्डर तक पहुंचाए गए हैं।

इसके अलावा हिंदुस्तान-तिब्बत हाईवे भी किन्नौर से होकर स्पीति की ओर निकलता है।

समदो बॉर्डर से होता हुआ यह मार्ग स्पीति के ढुंगरी तक जाता है। सामने चीन अधिकृत तिब्बत नजर आता है। 
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