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अमृत मिशन में हिमाचल ने लगाई 11 पायदान की छलांग, मिला ये रैंक

Mon, 25 Nov 2019 07:28 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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देवभूमि हिमाचल के शहरी इलाकों के विकास के लिए चलाए जा रहे अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) में प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। केंद्र सरकार की रैंकिंग में हिमाचल को 11वां स्थान मिला है। दो महीने पहले प्रदेश 22वें स्थान पर था। 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस बार हिमाचल को 11वां स्थान मिला है।

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रैंकिंग में यह सुधार केंद्र से मिले बजट का समयसीमा के भीतर इस्तेमाल होने, कई प्रोजेक्टों का काम पूरा होने की एवज में हुआ है। शिमला और कुल्लू शहर में इस मिशन के तहत करोड़ों रुपये के काम करवाए जा रहे हैं। शिमला में 238 करोड़ रुपये के 47 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं जिनके टेंडर भी कॉल हो चुके हैं। इनमें 15 प्रोजेक्ट पेयजल, नौ सीवरेज, नौ ट्रांसपोर्टेशन व पार्किंग, सात ड्रेनेज और सात पार्किंग से जुड़े हैं।

इनका काम मार्च 2020 तक पूरा किया जाना है। कई काम दिसंबर 2020 तक पूरे किए जाएंगे। अब तक कुल 140 करोड़ रुपये केंद्र से जारी हो चुके हैं जिनमें से 100 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। शिमला में पेयजल कंपनी के एमडी धर्मेंद्र गिल इस मिशन के नोडल अफसर हैं। देशभर के 500 शहरों में इस मिशन के तहत करोड़ों के विकास कार्य चल रहे हैं।
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और बेहतर होगी रैंकिंग
आने वाले दिनों में इस प्रोजेक्ट के बचे हुए कामों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। रैंकिंग में सुधार जारी रहेगा।  - पंकज राय, आयुक्त, नगर निगम शिमला 

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पोर्टल पर अपलोड होता है पूरे चुके कार्यों का ब्योरा 

मिशन के तहत शहरों और राज्यों की रैंकिंग रोज बदलती रहती है। शहरों को मिशन के तहत पूरे हो चुके कार्यों का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना पड़ता है। काम के आधार पर प्वाइंट मिलते हैं जिससे रैंकिंग तय होती है। शिमला नगर निगम दो माह पहले 22वें रैंक पर था।

निगम ने कई काम तो पूरे कर दिए थे, लेकिन केंद्र से पैसा न मिलने के कारण ठेकेदारों को इसका भुगतान नहीं हो पाया था। काम तभी पूरा माना जाता है जब ठेकेदार को उसके पैसों का भुगतान हो चुका हो।

हाल ही में केंद्र ने 65 करोड़ जारी किए, जिसके बाद निगम ने ठेकेदारों को उसका भुगतान कर दिया। इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड की, जिसके बाद रैंकिंग में उछाल आ गया। 
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