मिशन के तहत शहरों और राज्यों की रैंकिंग रोज बदलती रहती है। शहरों को मिशन के तहत पूरे हो चुके कार्यों का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना पड़ता है। काम के आधार पर प्वाइंट मिलते हैं जिससे रैंकिंग तय होती है। शिमला नगर निगम दो माह पहले 22वें रैंक पर था।
निगम ने कई काम तो पूरे कर दिए थे, लेकिन केंद्र से पैसा न मिलने के कारण ठेकेदारों को इसका भुगतान नहीं हो पाया था। काम तभी पूरा माना जाता है जब ठेकेदार को उसके पैसों का भुगतान हो चुका हो।
हाल ही में केंद्र ने 65 करोड़ जारी किए, जिसके बाद निगम ने ठेकेदारों को उसका भुगतान कर दिया। इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड की, जिसके बाद रैंकिंग में उछाल आ गया।