हिमाचल और जम्मू कश्मीर की सीमा सरचू विवाद का मामला अब दिल्ली पहुंच गया है। लाहौल-स्पीति जिला परिषद अध्यक्ष रमेश रूअलबा ने सांसद रामस्वरूप को पत्र लिखकर शीघ्र सीमा विवाद हल करने का आग्रह किया है।
रूअलबा ने कहा कि हिमाचल की सीमा सरचू से जम्मू कश्मीर के पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग करीब 17 किमी अंदर घुस आए हैं। वे जमीन पर अपना हक जताकर कारोबार चला रहे हैं। यही नहीं, जेएंडके पुलिस की अस्थायी चौकी भी हिमाचल सीमा के भीतर है।
दूसरी ओर जेएंडके के कारोबारी शिंकुला में 35 किलोमीटर अंदर घुसकर अपना कारोबार चला रहे हैं । रोहतांग सुरंग बनने के बाद सरचू पर्यटन की दृष्टि से अधिक विकसित होगा। ऐसे में विवाद और भी गहरा सकता है।
इस मसले को लेकर लाहौल-स्पीति के उपायुक्त केके सरोच ने वन अरण्यपाल कुल्लू को भी पत्र लिखकर सीमा विवाद देखने को कहा है। गौरतलब है कि हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक 10 अगस्त 2015 को सरचू में हुई थी।
इसमें सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने मानचित्र के आधार पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि जम्मू कश्मीर से जुड़े लोग हिमाचल में पर्यटन गतिविधियां चला रहे हैं।
यहां तक कि जम्मू-कश्मीर की पुलिस भी हिमाचल की भूमि पर अस्थायी पुलिस चौकी लगा रही है। उधर, वन अरण्यपाल कुल्लू अनिल शर्मा ने कहा है कि उन्हें डीसी लाहौल-स्पीति की ओर से कोई पत्र नहीं मिला है।