इसमें से 22 लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया गया लेकिन 16 लाख रुपये नहीं दिए गए। कंपनी के प्रमुख सुरेंद्र हुड्डा की दलील है कि नियमानुसार ब्याज जोड़कर अब ये पेमेंट 16 लाख रुपये से बढ़कर 33 लाख रुपये हो गई है।
इस बारे में पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, हरियाणा कांग्रेस के राज्याध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को लीगल नोटिस दिया गया। बाद में जवाब से संतुष्ट न होने पर माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइसेज फेसिलिटेशन काउंसिल रूल्स 2007 के तहत उद्योग विभाग में शिकायत की गई। इसका काउंसिल ने संज्ञान लेकर नोटिस जारी किए हैं।