कई मामलों में ठग खुद को किसी रिश्तेदार, वरिष्ठ अधिकारी या परिचित के रूप में पेश कर विश्वास जीत लेते हैं। तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि आवाज पहचान पाना आम व्यक्ति के लिए मुश्किल हो जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात कॉल या पैसों की मांग को बिना सत्यापन के स्वीकार न करें। यदि किसी परिचित की आवाज में कॉल आए तो पहले इसकी पुष्टि जरूर कर लें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने कहा कि संदिग्ध कॉल आने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें या cyber-crime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि रोके जाने की संभावना बढ़ जाती है।