हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अधिकतर अंगीठी का प्रयोग होता है, लेकिन यह अंगीठी लोगों की जान भी ले रही है। प्रदेश भर में हर सर्दी में अंगीठी की गैस और आग लगने के दर्जनों मामले आते है। अकी में हुआ अग्निकांड का प्रारंभिक कारण अंगीठी ही बताया जा रहा है। हालांकि इसकी जांच चल रही है। जानकारी के अनुसार हर सर्दी के मौसम में अंगीठी जलाकर बंद कमरों में सोने की घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें दम घुटने से लोगों की मौत हो जाती है। इसमें अधिकतर मामलों में पोड़ितों को खतरे का अहसास तक नहीं होता और से नींद में ही मौत के आगोश में चले जाते हैं। यही वजह है कि अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से मौत का पता ही नहीं बालता। 13 दिसंबर वर्ष 2024 में गांव रिहूं में अंगीठी की गैस लगने से तीन कामगारों की मौत हो गई। इससे पहले धर्मपुर में बुजुर्ग की भी गैस लगने से मौत हो चुकी है।