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Himachal: होम स्टे महिला चला रही तो पंजीकरण शुल्क में मिलेगी पांच फीसदी की अतिरिक्त छूट, नियम लागू

Thu, 26 Jun 2025 11:22 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

पांगी में होम स्टे के पंजीकरण शुल्क में 50 फीसदी और तीन साल का एक ही बार पंजीकरण शुल्क जमा कराने पर 10 फीसदी की रियायत दी जाएगी। 
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होम स्टे(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में होम स्टे महिला मालिकों को पंजीकरण पर पांच फीसदी की अतिरिक्त छूट रहेगी। पांगी में होम स्टे के पंजीकरण शुल्क में 50 फीसदी और तीन साल का एक ही बार पंजीकरण शुल्क जमा कराने पर 10 फीसदी की रियायत दी जाएगी। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने होम स्टे नियम -2025 को लागू कर दिया है। बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। होम स्टे को तीन श्रेणी में बांटा गया है। इनमें सिल्वर, गोल्ड और डायमंड शामिल है। नगर निगम की परिधि में सिल्वर श्रेणी के होम स्टे का पंजीकरण शुल्क 8 हजार रुपये, टीसीपी 5 हजार और ग्राम पंचायत में 3 हजार रुपये रहेगा। इसी तरह गोल्ड श्रेणी में नगर निगम की दायरे में 12 हजार, टीसीपी में 8 हजार और पंचायत में 6 हजार रुपये, डायमंड श्रेणी में नगर निगम एरिया में 18 हजार, टीसीपी में 12 हजार और पंचायतों में 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क रहेगा। इनमें महिलाओं को 5 फीसदी की अतिरिक्त छूट रहेगी।

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पांगी होम स्टे में पंजीकरण शुल्क में 50 फीसदी की छूट रहेगी। तीन साल का पंजीकरण करने पर सरकार 10 फीसदी की रियायत देगी। होम स्टे में संचालकों को हिमाचली व्यंजन परोसने होंगे। इसके साथ ही कमरों में हिमाचली हस्तशिल्प और वास्तुकला को भी बढ़ावा देना होगा। सरकार ने होम स्टे के कमरों का किराया भी निर्धारित किया है। सिल्वर 3 हजार, गोल्ड 3 हजार और डायमंड 10 हजार से अधिक नहीं होगा। नव निर्मित इकाइयों के लिए डबल बेडरूम कम से कम 120 वर्ग फीट और सिंगल बेडरूम 100 वर्ग फीट कर सकता है। बाथरूम, शौचालय 30 वर्ग फीट तक किया जा सकता है। पहले से निर्मित आवासीय इकाइयों के लिए ये आकार डबल के लिए 100 वर्ग फीट, सिंगल के लिए 80 वर्ग फीट और बाथरूम के लिए 25 वर्ग फीट तक था।

कमरे के साथ शौचालय की सुविधा होनी चाहिए, ग्रामीण क्षेत्रों में संलग्न शौचालय उपलब्ध न होने पर अलग शौचालय की सुविधा का प्रावधान किया गया है। एक होम स्टे अधिकतम छह कमरे (12 सिंगल बेड) हो सकते हैं। नए नियम ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से होम स्टे पंजीकरण होगा। निजी घरों के मालिकों के लिए अपनी इकाइयों को पंजीकृत करना आसान हो जाएगा। आवेदनों को 60 दिनों के भीतर निपटाया किया जाएगा। यदि इस अवधि के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो सभी आवेदन आवश्यकताओं को पूरा करने पर उन्हें स्वीकृत माना जाएगा। सिल्वर श्रेणी के होम स्टे को बिजली और पानी की आपूर्ति के लिए घरेलू दरों का लाभ मिलेगा, जबकि अन्य के लिए सुविधाएं व्यवसायिक होंगी। होम स्टे मालिकों को एनओसी की जरूरत नहीं होगी। होम स्टे मालिकों को एक रजिस्टर रखना होगा, ऑनलाइन भुगतान विकल्पों के साथ सत्यापित बिल जारी करने होंगे। सुरक्षा के चलते सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले होम स्टे मालिकों पर कार्रवाई होगी। होम स्टे इकाइयां का पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराना होगा।
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यह भी रहेगी शर्तें
- होम स्टे मालिक को श्रमिकों को देनी होगी न्यूनतम मजदूरी
- साफ सफाई की रहने की होगी व्यवस्था
- अग्निशमन यंत्र करने होंगे स्थापित
- सुरक्षा के चलते सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य होगा।
- होम स्टे में हिस्सेदारी को लेकर शपथ पत्र
- डाॅक्टरों का नाम पता और फोन नंबर
- विदेशी पर्यटकों के लिए पासपोर्ट और व अन्य दस्तावेज
- सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था
- भवन का ही प्रवेश द्वार, बचाव के रास्ते भी अनिवार्य
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