एचआरटीसी (हिमाचल पथ परिवहन निगम) की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। कलपुर्जों की कमी से अब निगम की बसें रूटों पर नहीं हांफेंगी। अगर बस खराब भी हो जाए तो कम समय में ही इसे संचालन के लिए तैयार कर दिया जाएगा। कलपुर्जों की कमी से पार पाने के लिए पहली बार निगम प्रबंधन ई-इनवेंटरी (ऑनलाइन वस्तु सूची) तैयार करवा रहा है।
परिवहन निगम की तारादेवी, मंडी, जसूर और परवाणू स्थित मंडलीय कार्यशालाओं के अलावा यूनिट स्तर की सभी कार्यशालाओं को ऑनलाइन आपस में जोड़ा जा रहा है। निगम के अधिकारी एक क्लिक पर कार्यशालाओं में उपलब्ध कलपुर्जों के स्टॉक की जांच कर सकेंगे। इतना ही नहीं, कार्यशालाओं में कलपुर्जे खत्म होने से पहले ही ई-इनवेंट्री के जरिये अधिकारियों को अलर्ट मिल जाएगा।
बिना समय गवाएं तुरंत खरीद प्रकिया शुरू होगी और स्टॉक खत्म होने से पहले ही नया स्टॉक कार्यशालाओं में पहुंच जाएगा। निगम के विभिन्न डिपुओं में 200 से अधिक बसें बिना कलपुर्जों के धूल फांक रही हैं। बसों के ब्रेक ड्रम, गीयर बॉक्स, टायर रॉड सहित अन्य कलपुर्जे उपलब्ध न होने से बसों को चलाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
ई-इनवेंट्री से दूर होगी कलपुर्जों की कमी : रोहन
कलपुर्जों की कमी से बसों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए ई-इनवेंट्री तैयार की जा रही है। इसकी मदद से बसों के खराब होने पर कलपुर्जे तुरंत उपलब्ध होंगे। कलपुर्जे खत्म होने से पहले ही कार्यशालाओं में उपलब्ध होंगे, जिससे बसों की मरम्मत का काम प्रभावित नहीं होगा।
- रोहन चंद ठाकुर, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी
एबीसी विश्लेषण पर आधारित होगी इन्वेंट्री
एबीसी विश्लेषण इन्वेंट्री को तीन श्रेणियों में विभाजित करता है, जिसमें ए आइटम महत्व और कीमत के आधार पर सबसे महत्वपूर्ण और सी आइटम सबसे कम महत्वपूर्ण होती है। एबीसी विश्लेषण का उपयोग यह निर्णय लेने में मदद करता है कि स्टॉक स्तर और किन इन्वेंट्री वस्तुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।