स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायतें मिलने पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ा फैसला लिया है। सेमिनार के नाम पर शिक्षकों के सैर-सपाटे पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने रोक लगा दी है।
स्काउट एंड गाइड और रोवर्स एंड रेंजर्स के कार्यक्रमों में जाने के नियमों को सख्त कर दिया है। इन कार्यक्रमों में जाने की मंजूरी लेने के लिए शिक्षक अब स्वयं उच्च अधिकारियों से पत्राचार नहीं कर सकेंगे।
स्कूली शिक्षकों को जिला उपनिदेशकों और कॉलेज शिक्षकों को प्रिंसिपलों के माध्यम से आवेदन करना होगा। दूसरे राज्यों या विदेश जाकर सेमिनार में भाग लेने के लिए शिक्षकों को जरूरी कारण बताने होंगे।
इस तरह के कार्यक्रमों में शिक्षकों के जाने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायतें मिलने पर यह कड़ा फैसला लिया गया है। निदेशक अमर देव ने शनिवार को सभी जिला उपनिदेशकों और कॉलेज प्रिंसिपलों को इस संदर्भ में सख्ती बरतने के आदेश जारी किए हैं।
प्रदेश में स्कूल स्तर पर स्काउट एंड गाइड और कॉलेज स्तर पर रोवर्स एंड रेंजर्स के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियां सिखाई जाती हैं। हर स्कूल-कॉलेज में इन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शिक्षक नियुक्त किए गए हैं।
निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक कई स्कूल-कॉलेजों से शिकायतें मिली हैं कि कुछ शिक्षक देश के दूसरे राज्यों और विदेश में होने वाले सेमिनार में शामिल होने के लिए उच्च अधिकारियों को सीधे पत्राचार कर रहे हैं।
सेमिनार से लौटकर स्कूलों में कोई विशेष मुहिम भी नहीं चला रहे हैं। शिक्षकों के कई दिनों तक स्कूल-कॉलेज से बाहर रहने के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने अब शिक्षकों के सैर-सपाटे को लेकर नियम कड़े कर दिए हैं।