हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और अन्य अधीनस्थ न्यायालय 18 मई से कुछ शर्तों कर साथ सुचारु रूप से कार्य करना शुरू कर देंगे। वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के चलते हाईकोर्ट व अधीनस्थ न्यायालयों में 24 मार्च से कार्य स्थगित हो गया था। कुछ दिन बाद अति महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई करने के लिए मामलों पर सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की गई।
शुक्रवार को जारी हुई नई अधिसूचना के तहत हाईकोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग व कोर्ट रूम में बैठकर मामलों पर सुनवाई की जाएगी। कोर्ट में अधिवक्ताओं व हाईकोर्ट के स्टाफ के अलावा किसी के भी आने पर मनाही होगी। कोर्ट में कार्य करते समय सोशल डिस्टेंसिंग व सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत काम किया जाएगा। कोर्ट में लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए कार्य को करने के लिए कोर्ट ने कोर्ट समय से अतिरिक्त दो घंटे काम करने का भी निर्णय लिया है।
तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का 30 फीसदी स्टाफ हर दिन रोटेशन वॉइस कोर्ट में आएगा। प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारी हर दिन कोर्ट आएंगे। दायर किए गए मामलों की स्क्रूटनी तीन दिनों के बाद होगी। जो अति महत्वपूर्ण प्रकृति के मामले दायर करने होंगे, उन्हें ई-मेल के माध्यम से कोर्ट के समक्ष दायर किया जाएगा। मामले उसी दिन या अगले दिन कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए लगेंगे। स्टाफ के विषय में भी अधीनस्थ न्यायालय में भी यही शर्तें लागू होगी।