आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है। इस चर्चित कहावत को घुमारवीं के रेनबो अस्पताल स्टाफ ने सच कर दिया दिखाया है। कोरोना महामारी के इस दौर में अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने बारह घंटे में सैनिटाइजर मशीन तैयार कर दी है। देसी तकनीक से इस मशीन को बनाने में 25 हजार रुपये खर्च हुए हैं। मशीन अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को सैनिटाइज करेगी। अस्पताल के प्रबंध निदेशक प्रतीश शर्मा ने बताया कि वैश्विक कोरोना महामारी से हर कोई डर के साए में जी रहा है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लेकिन, सैनिटाइजर मशीन न होने से कुछ कमी खल रही थी। इसे लेकर अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मचारियों से विचार-विर्मश किया। गहन मंथन के बाद अस्पताल स्तर पर ही सैनिटाइजर मशीन तैयार करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के युवा चिकित्सकों व कर्मचारियों ने मिलकर रेलवे मंत्रालय की सैनिटाइजर मशीनों की तर्ज पर कार्ययोजना तैयार की और खुद ही 12 घंटों में मशीन तैयार कर दी।
बीस फुट दूरी से ऑपरेट होगी मशीन
- कम लागत में बनी यह मशीन बीस फुट दूरी से ही ऑपरेट हो सकेगी। दूर कुर्सी पर बैठा कर्मी इसे मरीज व उसके तीमारदार के अस्पताल में प्रवेश करते समय चला सकता है। मशीन को बनाने में लोहे के एंगल, पंप, ड्रम तथा प्लास्टिक सीटों का प्रयोग किया गया है। इस मशीन को बनाने में प्रतीश शर्मा, विपिन कुमार, चंचल कुमार, अरुण कुमार व हैप्पी आदि ने सक्रिय योगदान दिया।