हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 340 ग्राम चरस के साथ पकड़े तीन दोषियों आशीष सचदेवा, दीपक चौधरी और प्रदीप को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत सात सात साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इसी मामले में एक अन्य दोषी मंगल चंद को 3 किलो 700 ग्राम चरस रखने के आरोप में मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कुल्लू के फैसले को पलटते हुए यह सजा सुनाई है। मामले के अनुसार 14 अक्तूबर 2008 को पुलिस ने कुल्लू के बजौरा में पेट्रोलिंग और नाकेबंदी के दौरान दोषियों आशीष सचदेवा, दीपक चौधरी और प्रदीप को 340 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस की तीनों दोषियों से पूछताछ के दौरान एक अन्य दोषी मंगल चंद का नाम भी सामने आया था, जिससे इन लोगों ने चरस खरीदी थी। पुलिस ने दोषी मंगल चंद के घर से तलाशी के दौरान 3 किलो 700 ग्राम चरस बरामद की थी।
12 गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोषी का दोष साबित नहीं कर पाया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सभी दोषियों को इस मामले में सजा सुनाई।