फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से शपथपत्र के माध्यम से मांगी ये जानकारी

Fri, 02 Nov 2018 01:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को यह बताने के आदेश दिए हैं कि ड्रग्स की समस्या से निपटने को पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों की चंडीगढ़ में हुई बैठक के बाद क्या निष्कर्ष सामने आया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने कुल्लू जिले के होटलों में ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से होने वाले दुष्परिणामों से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान ये आदेश पारित किए।

विज्ञापन


न्यायालय के समक्ष पिछली सुनवाई में जानकारी दी गई थी कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, व उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों की चंडीगढ़ में 20 अगस्त को बैठक थी। इसमें मादक पदार्थों से उत्तर भारत में हो रहे कारोबार के कारण उत्पन्न समस्या के समाधान संबंधी निर्णय लिया गया था। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव की ओर से दायर किए जाने वाले शपथ पत्र के बाबत समय की मांग की गई थी।

कोर्ट ने उन्हें अतिरिक्त समय देते हुए मामला 6 दिसंबर के लिए रख लिया। पिछले आदेशों के अनुसार पुलिस महानिदेशक व पुलिस अधीक्षक कुल्लू को इस समस्या के निदान को जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए थे। उठाए गए कदमों बाबत न्यायालय को अवगत करवाने के भी आदेश दिए थे।
विज्ञापन


कोर्ट के समक्ष दायर शपथ पत्र से बताया गया था कि संयुक्त टास्क फोर्स का गठन करने के बाद मलाणा गांव व कुल्लू के रेस्टोरेंट, होटलों, ढाबों व कसोल के इर्द-गिर्द कारोबारियों की धरपकड़ की गई थी। अप्रैल, मई और जून में 94.267 किग्रा चरस, 3.053 किग्रा अफीम, 116.972 किग्रा पॉपी हस्क, 0.496 किग्र गांजा 480.687 ग्राम हेरोइन, 39235 टैबलेट और कैप्सूल बरामद किए गए थे।

विज्ञापन

स्वास्थ्य संस्थानों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश

हाईकोर्ट ने सरकार को प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता दिलीप कायथ की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किए। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार रामपुर के महात्मा गांधी अस्पताल मेडिकल फैसिलिटी का अभाव है।

वहां लंबे समय से डॉक्टरों के पद खाली हैं। मेडिकल स्टाफ  के भी कई पद खाली हैं। सरकारी अस्पताल में जरूरी मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को निजी अस्पताल से इलाज करवाना पड़ता है। कोर्ट ने प्रदेश के अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करवाने बाबत जरूरी कदम उठाने के आदेश जारी किए हैं। मामले पर सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें