बताया जाता है कि रमेश धवन और बिट्टू के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था। चश्मदीद जगमोहन के अनुसार करीब 6 बजे बिट्टू के मजदूर काम करके चले गए। इसके बाद रात करीब आठ बजे बद्दी में सिटी केबल के नाम से केबल का कार्य करने वाले रमेश ने बेटे व 4-5 अन्य लोगों के साथ पहले हरजिंदर पाल के साथ गालीगलौज और बाद में हाथापाई की। इसके बाद तलवारों और छुरे से हरजिंदर को घायल कर दिया। इसके बाद उस पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।