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पेयजल किल्लत पर हाईकोर्ट ने तलब किया योजनाओं का ब्योरा

Wed, 09 May 2018 12:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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हिमाचल प्रदेश की जनता को पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया नहीं करवाने के मामले में राज्य उच्च न्यायालय को बताया गया कि वर्तमान में चल रही पानी की स्कीमों में वृद्धि करने की जरूरत है। न्यायालय को बताया गया कि हर वर्ष इस बाबत 200 करोड़ रुपए का बजट रखा जाता है लेकिन 19500 घरों के लिए 70 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी मुहैया करवाने के लिए 3270 करोड़ रुपए स्वीकृत जारी करने का प्रस्ताव है।

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650 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है और संबंधित सलाहकार की सलाह के लिए विचाराधीन है। इस पर हाईकोर्ट ने प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए कि वह न्यायालय के सामने अपने शपथपत्र के माध्यम से सभी परियोजनाओं और स्कीमों का जिला स्तर पर ब्योरा रखें, जिनमें कि वृद्धि किए जाने की आवश्यकता है।

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इसके अलावा फंडिंग एजेंसी के समक्ष विचाराधीन पड़ी स्कीमों के प्रस्तावों की भी जानकारी न्यायालय के समक्ष रखने के आदेश जारी किए गए हैं। न्यायालय को बताया गया कि पूरे प्रदेश में शिमला को छोड़कर 53604 जिनमें से 34000 घरों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी दिए जाने का प्रावधान बनाया गया है।

जबकि 19500 घरों को कम पानी सप्लाई किया जाता है। शायद इन घरों को 20.25 प्रति लीटर के हिसाब से प्रतिदिन पानी मुहैया करवाया जा रहा है, जिससे यह साबित होता है कि 104 घरों को पर्याप्त मात्रा में पानी मुहैया करवाने के लिए कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है।
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