हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने अपने आदेशों में यह स्पष्ट किया कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते हैं। कानून इसकी इजाजत नहीं देता है। उच्च न्यायालय पहले ही डॉक्टरों की ओर से की गई हड़ताल को गैरकानूनी करार दे चुका है। न्यायालय ने कहा कि कर्मचारी संघ का कोई भी सदस्य हड़ताल में भाग नहीं लेगा।