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हिमाचल हाईकोर्ट फैसले: कोल बांध विस्थापितों की लड़ाई में समिति को बनाया पक्षकार, जेएसडब्ल्यू विवाद भी सुलझेगा

Sat, 17 Oct 2026 04:45 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

 प्रदेश हाईकोर्ट ने कोल बांध जलविद्युत परियोजना से प्रभावित विस्थापितों के अधिकारों और पुनर्वास से जुड़े मामले में एक अहम आदेश जारी किया है।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कोल बांध जलविद्युत परियोजना से प्रभावित विस्थापितों के अधिकारों और पुनर्वास से जुड़े मामले में एक अहम आदेश जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने कोलबांध विस्थापित समिति मंडी की ओर से दायर अर्जी को स्वीकार करते हुए समिति को जनहित याचिका में याचिकाकर्ता पक्षकार के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मंडी जिले के 50 से अधिक परिवार वर्ष 2004 के बेदखली आदेशों के बाद अपने घरों और जमीनों से बेदखल हुए थे। 26 फरवरी 2000 के समझौते और पुनर्वास योजना के बावजूद ये परिवार पिछले 20 वर्षों से फ्रीहोल्ड मालिकाना हक, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), उचित मुआवजे में देरी और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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हाईकोर्ट की पहल, बैठक से सुलझेगा जेएसडब्ल्यू श्रमिक विवाद
प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़छम वांगतू और बासपा-दो हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से दायर राज्य सरकार और जेएसडब्ल्यू प्रबंधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत के समक्ष सभी पक्षों ने आपसी सहमति जताते हुए बैठक के जरिये मामले को सुलझाने का प्रस्ताव रखा है। अदालत के समक्ष पेश प्रस्ताव में बताया गया है कि रामपुर में जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, किन्नौर के सचिव की उपस्थिति में जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट के सभी श्रमिकों की विशेष बैठक बुलाई जाएगी। बैठक को शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए डीएलएसए सचिव आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अधीक्षक किन्नौर की सहायता ले सकेंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी।
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