फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: हाईकोर्ट ने कहा- लर्निंग लाइसेंस भी वैध, बीमा कंपनी मुआवजे की जिम्मेदारी से नहीं बच सकती

Mon, 02 Nov 2026 05:50 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना मुआवजा दावे से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि लर्निंग लाइसेंस भी कानूनन वैध ड्राइविंग लाइसेंस है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना मुआवजा दावे से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि लर्निंग लाइसेंस भी कानूनन वैध ड्राइविंग लाइसेंस है। केवल चालक के पास लर्निंग लाइसेंस होने के आधार पर बीमा कंपनियां मुआवजे के भुगतान की अपनी कानूनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं। न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की अदालत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील खारिज करते हुए मुआवजे की राशि 33,97,440 रुपये से बढ़ाकर 34,03,030 रुपये कर दी। साथ ही पूरी मुआवजा राशि चुकाने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी पर बरकरार रखी।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

बीमा कंपनी का मुख्य तर्क था कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल चालक के पास केवल लर्निंग लाइसेंस था। इसके अलावा उसने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन किया था। इसलिए यह बीमा पॉलिसी की शर्तों का मूल उल्लंघन है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस धारक को वैध ड्राइविंग लाइसेंस से वंचित व्यक्ति नहीं माना जा सकता। अदालत ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम 24(3)(v) का विस्तृत विश्लेषण करते हुए स्पष्ट किया कि मोटरसाइकिल चलाने के प्रशिक्षण के मामले में दोहरे नियंत्रण वाले वाहन और इंस्ट्रक्टर की अनिवार्य मौजूदगी से छूट का प्रावधान है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें