बीमा कंपनी का मुख्य तर्क था कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल चालक के पास केवल लर्निंग लाइसेंस था। इसके अलावा उसने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन किया था। इसलिए यह बीमा पॉलिसी की शर्तों का मूल उल्लंघन है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस धारक को वैध ड्राइविंग लाइसेंस से वंचित व्यक्ति नहीं माना जा सकता। अदालत ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम 24(3)(v) का विस्तृत विश्लेषण करते हुए स्पष्ट किया कि मोटरसाइकिल चलाने के प्रशिक्षण के मामले में दोहरे नियंत्रण वाले वाहन और इंस्ट्रक्टर की अनिवार्य मौजूदगी से छूट का प्रावधान है।