हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा को दोबारा नियुक्ति देने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने धूमल के साथ एएन शर्मा समेत अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर उनके खिलाफ जारी किए गए तलबी आदेशों को चुनौती दी थी।
उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई थी। एक अगस्त 2013 को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार धूमल पर आरोप था कि उन्होंने 2007 में सीएम रहते हुए अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए एएन शर्मा को नियमों के विपरीत दोबारा नियुक्ति दी। उन्होंने डीआईजी के पद पर 30 नवंबर 2011 तक कार्य किया। आरोप था कि धूमल के प्रधान निजी सचिव रवि ढींगरा ने एएन शर्मा की फाइल प्रधान सचिव गृह को मार्क की थी।