प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदूषण फैलाने वाले धर्मशाला, सोलन और परवाणू के औद्योगिक क्षेत्रों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दिए हैं। साथ ही इन उद्योगों को कोर्ट ने तुरंत बंद करने के आदेश भी दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए हैं।
कोर्ट ने इसके साथ ही इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वहीं, कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह भी निर्देश दिए हैं कि वह तीन दिन के भीतर धर्मशाला, नड्डी व मैकलोडगंज के आसपास के क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों व अन्य इकाइयों का निरीक्षण कर एक रिपोर्ट कोर्ट में जमा करें।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिलाधीश सोलन को यह आदेश दिए कि वह 13 डिफाल्टरों से वसूला जाने वाला म्यूनिसिपल टैक्स लैंड रेवेन्यू के अनुरूप रिकवर करे और 2 सप्ताह के भीतर इस कार्य को अंजाम दिया जाए। सुनवाई के दौरान न्यायालय को यह भी बताया गया कि अभी भी कुछ ऐसे ही डिफाल्टर हैं जिन्होंने नगर परिषद के टैक्स अदा नही किए हैं।