शिमला के कोटखाई में छात्रा से दुराचार और हत्या के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला पुलिस को जांच तेज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस की ओर से शीघ्र व उचित जांच के लिए हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने प्रदेश महाधिवक्ता श्रवण डोगरा द्वारा उचित जांच के आश्वासन के बाद मामले पर सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
न्यायालय को बताया गया कि पुलिस इस मामले में जांच पूरी ईमानदारी से कर रही है। बता दें कि कोटखाई की स्कूली छात्रा से दुराचार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। कुछ संदिग्ध लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ जारी है। मामले पर सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, लोगों को चेतावनी
कोटखाई के गुड़िया प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर कथित संदिग्धों और गुड़िया की लाश की फोटो वायरल होने के बाद शिमला पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में शिमला पुलिस ने प्रकरण से जुड़ी अफवाहों को प्रचारित नहीं करने की अपील की है।
साथ ही यह भी निर्देश दिए हैं कि गलत तथ्यों को प्रचारित करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिमला पुलिस ने यह कवायद सोशल मीडिया और वेब पोर्टलों पर कई तरह की खबरें व फोटों वायरल होने के बाद की है।
जारी एडवाइजरी में पुलिस ने कहा कि पीड़िता के नाम, तस्वीरें साझा करना गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा पुलिस आईपीसी के तहत भी प्रकरण से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं प्रचारित करने पर मुकदमा दर्ज कर सकती है।
लिहाजा पुलिस ने अपील की है कि इस प्रकरण से जुड़ी किसी भी पोस्ट को शेयर न करें, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती हो। इस प्रकरण को लेकर मंगलवार रात को चार युवकों की फोटो वायरल हुई, जिसमें उन्हें संदिग्ध बता दिया गया। संभावना है कि पुलिस अब ऐसे सोशल मीडिया अकाउंटों को भी खंगालेगी, जहां से यह भ्रामक सूचना प्रचारित हुई थी।
सरकार की बढ़ी बेचैनी, सीएम के अकाउंट में अपलोड कर दिए फोटो
कोटखाई में दसवीं की छात्रा से दुराचार और हत्या मामले का सात दिन बाद भी खुलासा न होने से सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भाजपा इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को निशाने पर ले रही है, जबकि अन्य सामाजिक संगठन और राजनीति दलों ने भी पुलिस जांच को कटघरे में खड़ा किया है। प्रदेश भाजपा भी जनता के साथ सीबीआई जांच की मांग कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन भी पुलिस जांच से अंसतोष जता चुका है। होशियार सिंह प्रकरण के बाद इस मामले पर सियासी रंग चढ़ने से हर गुजरते दिन के साथ जनता में गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। पुलिस जांच बेनतीजा रहने के बाद दो दिन से एसआईटी जांच में जुटी है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी है।
कोटखाई प्रकरण में भाजपा की प्रदेश लीडरशिप ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के हमलावर तेवरों के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू जांच में ढिलाई बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
प्रदेश कांग्रेस के तलख तेवरों के बीच परिवहन मंत्री जीएस बाली भी मामले में अब तक खुलासा नहीं होने पर चिंता जता चुके हैं। ऐसे में सरकार पर दबाव बढ़ा है। इसका असर मंगलवार रात को सीएम के फेसबुक पेज पर अपलोड हुई चार फोटो हैं। सीएम ने फेसबुक पेज के माध्यम से जनता को आश्वस्त करने की कोशिश की है कि मामले में चार संदिग्धों तक पुलिस पहुंच चुकी है
लेकिन जल्दबाजी में संदिग्धों के फोटो तक अपलोड कर दिए गए। हालांकि बाद में भूल सुधारते हुए फोटो हटा दिए गए। बुधवार को भी मामले में पुलिस की ओर से कोई खुलासा नहीं हुआ, जिससे एक बार फिर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
जल्द नहीं हुआ खुलासा तो होगा व्यापक प्रदर्शनः भाजपा
कोटखाई प्रकरण को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ घेराबंदी तेज करेगी। वीरवार को पार्टी विधायक दल की परवाणू में बैठक बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता शिमला पहुंचेंगे। प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि इस घटना से प्रदेश शर्मसार हुआ है।
सरकार को सीबीआई जांच करवानी चाहिए। पार्टी राज्यपाल से लेकर डीजीपी को ज्ञापन सौंप आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रही है। विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता शिमला पहुंच रहे हैं। अगर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश व्यापक आंदोलन होगा।