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HP High Court: हाईकोर्ट की निगरानी में 18 जनवरी को नीलाम होगी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी

Tue, 20 Dec 2022 11:23 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

घोटाले में फंसी टेक्नोमैक कंपनी को वर्ष 2014 में सील कर दिया गया था। पिछले कई साल से हजारों करोड़ रुपये की यह कंपनी अब कबाड़ बन चुकी है। जब इस कंपनी को सील किया गया था, तब इसकी कीमत 5,000 करोड़ रुपये थी। वर्तमान में यह मात्र 150 करोड़ रुपये की रह गई है।
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इंडियन टेक्नोमैक कंपनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बहुचर्चित 4,300 करोड़ रुपये के कर एवं बैंक कर्ज में घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी 18 जनवरी 2023 को प्रदेश हाईकोर्ट की निगरानी में नीलाम होगी। हाईकोर्ट ने पांवटा साहिब की इंडियन टेक्नोमैक कंपनी को नीलाम करने की छूट दे दी है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अदालत के समक्ष आवेदन दायर किया था।

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न्यायाधीश संदीप शर्मा ने कंपनी को नीलाम करने वाले नोटिस को अदालत के रिकॉर्ड में लेने के आदेश दिए हैं। इस मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी अदालत के समक्ष आवेदन दायर किया है कि इस याचिका को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ स्थानांतरित किया जाए। अदालत ने इस आवेदन का जवाब दायर करने के लिए प्रतिवादियों को चार हफ्ते का समय दिया है। मामले की सुनवाई 27 मार्च 2023 को निर्धारित की गई है। 

घोटाले में फंसी टेक्नोमैक कंपनी को वर्ष 2014 में सील कर दिया गया था। पिछले कई साल से हजारों करोड़ रुपये की यह कंपनी अब कबाड़ बन चुकी है। जब इस कंपनी को सील किया गया था, तब इसकी कीमत 5,000 करोड़ रुपये थी। वर्तमान में यह मात्र 150 करोड़ रुपये की रह गई है। वर्तमान कीमत के मुताबिक ही कंपनी की नीलामी प्रक्रिया आयोजित होगी। कंपनी पर कई विभागों की देनदारियां हैं। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने नीलामी की तारीख तय होने की पुष्टि की है। कंपनी की नीलामी की प्रक्रिया के सभी दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं। 
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2008 से 2014 तक की थी 2,175 करोड़ रुपये की वैट चोरी  
इंडियन टेक्नोमेक कंपनी ने 2008 से 2014 तक 2,175 करोड़ रुपये की वैट चोरी की थी। इस मामले का खुलासा 2014 में राज्य कर एवं आबकारी विभाग की इंटेलिजेंस यूनिट ने किया था। कंपनी के प्रबंधकों ने धोखाधड़ी कर एक दर्जन बैंकों से 1,600 करोड़ का कर्ज भी लिया हुआ था। इसके अलावा आयकर विभाग, श्रम विभाग, ईपीएफ और बिजली बोर्ड की भी करोड़ों की देनदारियां सामने आई थीं। 

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