हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को आदेश दिए हैं कि वह प्राथमिक शिक्षण संस्थानों से लेकर विश्वविद्यालय तक के छात्रों को स्वच्छ व मिनरल वाटर मुहैया करवाना सुनिश्चित करे। हाईकोर्ट ने प्रदेश में पर्याप्त साफ पानी मुहैया करवाने के लिए एक स्वतंत्र वैधानिक संस्थान गठित करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए हैं कि वे जनसाधारण को पीलिया के बारे में जागरूक करें और इससे बचने के उपाय बताएं।
नागरिकों को दूषित पानी पिलाने पर हाईकोर्ट का रुख बेहद सख्त दिखा। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार को पेमेंट जारी करने की क्या प्रक्रिया थी? ठेकेदार को हस्तांतरित धन, प्रक्र्रिया और उसके बिल पास करने वाले अधिकारियों की जानकारी दें। हाइकोर्ट ने ठेकेदार को 99 लाख की देय राशि जारी करने पर भी रोक लगा दी है।