फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'स्कूल-कॉलेजों में मिनरल वाटर मुहैया करवाए सरकार'

विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को आदेश दिए हैं कि वह प्राथमिक शिक्षण संस्थानों से लेकर विश्वविद्यालय तक के छात्रों को स्वच्छ व मिनरल वाटर मुहैया करवाना सुनिश्चित करे। हाईकोर्ट ने प्रदेश में पर्याप्त साफ पानी मुहैया करवाने के लिए एक स्वतंत्र वैधानिक संस्थान गठित करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए हैं कि वे जनसाधारण को पीलिया के बारे में जागरूक करें और इससे बचने के उपाय बताएं।
विज्ञापन


नागरिकों को दूषित पानी पिलाने पर हाईकोर्ट का रुख बेहद सख्त दिखा। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार को पेमेंट जारी करने की क्या प्रक्रिया थी? ठेकेदार को हस्तांतरित धन, प्रक्र्रिया और उसके बिल पास करने वाले अधिकारियों की जानकारी दें। हाइकोर्ट ने ठेकेदार को 99 लाख की देय राशि जारी करने पर भी रोक लगा दी है।
विज्ञापन

इंजीनियर ने दिया झूठा हलफनामा, कारण बताओ नोटिस जारी

हाईकोर्ट ने आईपीएच विभाग में कार्यरत इंजीनियर सुमन विक्रांत और सुनील जस्टा के खिलाफ हाईकोर्ट के समक्ष झूठा हलफनामा दायर करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सचिव आईपीएच के खिलाफ कोर्ट के समक्ष विरोधाभासी वक्तव्य देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने माना कि एक तरफ तो उन्होंने यह वक्तव्य दिया था कि अश्वनी खड्ड से पानी सप्लाई स्कीम को ठीक ढंग से संचालित नहीं किया गया है और उसे बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं, यह भी वक्तव्य दिया कि हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना की गई है।

इस वक्तव्य के पीछे उनका मूल मकसद पूर्व अधिकारियों व अधीनस्थ अधिकारियों को बचाना था जिस कारण उन्होंने कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की। कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को भी हाईकोर्ट के सामने झूठा शपथपत्र दायर करने का दोषी पाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें