मशोबरा के सायर मेले में मेला कमेटी द्वारा कराई गई झोंटो की लड़ाई में अब कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिरुद्घ सिंह भी घिरते जा रहे हैं।
मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर को सुनवाई के समय विधायक को खुद मौजूद रहने के आदेश जारी किए हैं। सिंह के अलावा पांच अन्य को भी मामले में प्रतिवादी बनाते हुए सुनवाई के दिन हाजिर होने को कहा है।
कसुम्पटी निवासी सुनील मोहन जेटली द्वारा हाइकोर्ट के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ यह आदेश पारित किए। दरअसल, 16 सितंबर को मशोबरा से करीब दो किमी दूर तलाई स्थित माता भद्रकाली के प्रांगण में झोटे लड़वाए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट के पशु क्रूरता को रोकने को जारी आदेशों के बाद इस मेले में तीन साल से झोटों की लड़ाई बंद थी। प्रार्थी ने एमएलए अनिरुद्ध सिंह को ऐसे गैरकानूनी कार्यक्रम में भाग लेने, सायर मेला कमेटी के सभी पदाधिकारियों को झोटों की लड़ाई का आयोजन
करवाने, भगाली के बलदेव, घनाहट्टी के अमर सिंह, दहली से परस राम, शालाघाट से मस्त राम, निन से देवी राम व अन्य लोग जो मेले में अपने अपने झोटे लाये थे तथा वहां पर मौजूद सभी पुलिसवालों व सरकारी अधिकारियों जो मौके पर मूक दर्शक बने हुए थे उनके खिलाफ कार्यवाई करने की मांग की है।
प्रार्थी ने सबूत के तौर पर समाचार पत्रों में छपी खबरों की कटिंग तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की प्रति भी कोर्ट के ध्यानार्थ अपने पत्र के साथ लगाई है। इस मामले में भद्र काली माता मंदिर कमेटी के प्रधान बालक राम वर्मा, सचिव मोहन सिंह, उपाध्यक्ष जे एस कंवर,
सदस्य बाल कृष्ण, बिहारी लाल, हीम पाल, मेहर सिंह, सपा तुंगा नेगी, चंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, भगत राम, पुजारी पूर्ण शर्मा व कोषाध्यक्ष हरि कृष्ण को प्रतिवादी बनाया है। जिलाधीश शिमला को इनकी उपस्थिति कोर्ट की समझ सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा है। जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक शिमला को 20 दिसंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रुप से पेश होने को भी कहा गया है।