प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल परिसर मजीठा हाउस के समीप हो रहे ध्वनि प्रदूषण को समाप्त करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव और प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाबतलब किया है।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता योगेश कुमार चंदेल द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने दोनों प्रतिवादियों से 24 नवंबर तक जवाब दायर करने को कहा है।
याचिकाकर्ता द्वारा दिए तथ्यों के अनुसार प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल से मात्र पांच मीटर की दूरी पर सचिवालय का गैराज और सर्विस स्टेशन मौजूद है। यहां पर गाड़ियों की मरम्मत व वाशिंग के लिए जो उपकरण इस्तेमाल होते हैं, उनसे ध्वनि प्रदूषण होता है।
इस कारण ट्रिब्यूनल की न्यायिक कार्यवाही के दौरान बाधा उत्पन्न होती है। प्रार्थी के अनुसार यह प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए अधिनियमों और नियमों का सरासर उल्लंघन है। प्रार्थी के अनुसार राज्य सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि वह गैराज व वर्कशॉप को मजीठा हाउस से किसी अन्य क्षेत्र में शिफ्ट करें।
ताकि ट्रिब्यूनल की कार्यवाही में विघ्न न पड़े। प्रार्थी ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए नियमों के अनुसार मजीठा हाउस को साइलेंस जोन के तहत लाने का आदेश पारित करें।