हाईकोर्ट ने बीते साल हुए नूरपुर स्कूल बस हादसे पर लिए संज्ञान वाले मामले में सभी पक्षकारों को आदेश दिए हैं कि बताएं, पूरे प्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाए। मामले पर सुनवाई 22 मार्च के लिए टल गई।
इससे पहले कोर्ट ने सरकार से शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्टीकरण देने को कहा था कि प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों को घरों से स्कूलों तक लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए कोई प्रणाली बना रखी है या नहीं।
कोर्ट ने पूछा था कि स्कूल बसों की निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन ने क्या तरीका निकाला है। एक तरफ शनिवार को कोर्ट ने यह आदेश दिए, वहीं दूसरी ओर एक और स्कूल बस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें सात विद्यार्थियों समेत आठ की मौत हो गई।