बकाया किस्तें जारी करवाने की मांग
याचिकाकर्ता का तर्क है कि महंगाई भत्ता वेतन का अभिन्न अंग है, जो मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए दिया जाता है, लेकिन राज्य सरकार इसे समय पर जारी नहीं कर रही है। याचिका में न्यायालय से बकाया किस्तें जारी करवाने की मांग की गई है। साथ ही अदालत से गुहार लगाई है कि एक जुलाई 2024 से रुकीं डीए की सभी किस्तों को केंद्र की तर्ज पर जारी करने के निर्देश दिए जाएं। याचिका में कहा गया है कि राज्य का अपना कोई वेतन आयोग नहीं है और वह आमतौर पर पंजाब पैटर्न या केंद्र सरकार के फार्मूले का पालन करता है। इसी मामले में एक याचिका भूपेंद्र ने दाखिल की थी, जिसमें भी सरकार को नोटिस जारी हुआ है और इसमें 28 मई को सुनवाई होनी है। याचिका में पश्चिम बंगाल और पंजाब की तर्ज पर महंगाई भत्ता देने की मांग की गई है।