प्रदेश हाईकोर्ट ने शहरी गरीबों को आवास बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट जारी होने के बावजूद एक भी आवास निर्मित न होने के मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम शिमला को भी प्रतिवादी बनाते हुए याचिका का जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता नमिता मनिकटाला की याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सभी प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट और जवाब दायर करने के आदेश दिए।