उधर, राज्य सरकार ने जवाब के लिए चार हफ्ते का समय मांगा है। अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। राज्य ग्रामीण विकास विभाग के नए अनुबंध आदेश के खिलाफ लगभग 600 ग्राम रोजगार सेवकों ने हाईकोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की है। कोर्ट ने यह आदेश शिवराज और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश मामले में दिया है।
सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि सभी ग्राम रोजगार सेवकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और तकनीकी सहायकों को नया स्टैंडर्ड कॉन्ट्रैक्ट साइन करना होगा। जबकि कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, समय पर वेतन और स्थायी नौकरी की मांग कर रहे हैं। इन्हें बार-बार अस्थायी अनुबंध पर रखा जा रहा था, जिसका ये बहिष्कार कर रहे हैं।
याचिका में बताया गया है कि ग्राम रोजगार सेवक वर्ष 2008 से पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं का संचालन और तकनीकी काम कर रहे हैं। वर्ष 2018 से विभाग ने इन्हें फुल स्केल सैलरी देना शुरू किया। याचिकाओं ने सेवाओं को नियमित करने की मांग की है।