यूपी की क्रेडिट सोसायटी के अनुचित व्यापार व्यवहार पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने 30 हजार की कॉस्ट लगाई है। साथ ही शिकायतकर्ता लोप चंद के एफडी में निवेश किए गए पैसे वापस करने के दिए आदेश दिए हैं। 13 अलग-अलग शिकायतों का निपटारा करते हुए आयोग ने हरेक शिकायत के लिए कॉस्ट लगाई है। आयोग ने यूपी की क्रेडिट सोसायटी की कार्यशैली को अनुचित व्यापार व्यवहार बताया है। आयाेग को बताया कि यूपी की कामुना सहकारी सभा बहु राज्य सहकारी सोसायटी अधिनियम 2002 के तहत पंजीकृत है। पहले इसका कार्य क्षेत्र उत्तर प्रदेश तक ही सीमित था। बाद में इसका कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और गुजरात तक विस्तारित किया गया।
शिमला के ढली में भी सोसायटी ने कार्यालय खोला और विकास अधिकारी नियुक्त किए। इन अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को सोसायटी के पास बचत खाते खोलने का प्रलोभन दिया। शिकायतकर्ता ने 75 महीने की अवधि के लिए 50,000 रुपये की राशि और एफडी खाते में एक लाख रुपये की राशि जमा करवाई। बाद में शिकायतकर्ता ने पाया कि सोसायटी उसके पैसे वापस नहीं करना चाहती है। उसने सोसायटी के कार्यालय में अपने पैसे वापस करने का आग्रह किया लेकिन सोसायटी ने उसके पैसे वापस नहीं किए। आयोग ने शिकायत दर्ज होने के बाद सोसायटी को नोटिस जारी किया, लेकिन सोसायटी ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष नहीं रखा। आयोग ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय सुनाया।