एशिया की दूसरी सबसे बड़ी एलपीएस को जांच के बाद संयुक्त पंजीयक सहकारी सभाएं ने बहाल कर दिया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच के बाद संयुक्त पंजीयक ने सहायक पंजीयक कुल्लू के पहले के फैसले को पलटते हुए लाहौल-स्पीति आलू उत्पादक संघ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को बहाल कर दिया है।
दो माह पूर्व सहायक पंजीयक कुल्लू ने कथित भ्रष्टाचार के आरोप की जांच कर एलपीएस के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था। ऐसे में मामले को लेकर एलपीएस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने सहायक पंजीयक कुल्लू के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने सहकारी सभाओं के सचिव को मामले की जांच कर तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा। सचिव ने इसका जिम्मा संयुक्त पंजीयक सहकारी सभाएं हिमाचल सरकार को दिया। जांच के बाद संयुक्त पंजीयक ने आठ जुलाई को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी।
जांच में कहा गया है जब सहायक पंजीयक कुल्लू एलपीएस की हर बैठक में हाजिर रहे जिसमें होटल और गेस्ट हाउस को लीज पर दिए गए। ऐसे में सहायक पंजीयक ने आज तक एलपीएस प्रबंधन को भ्रष्टाचार मामले में नोटिस जारी क्यों नहीं किया।
होटल और गेस्ट हाउस के लीज डीड की प्रक्रिया पूरी करने में हर बार बाकायदा सहायक पंजीयक के भी हस्ताक्षर होते हैं। ऐसे मेें सहायक पंजीयक के एलपीएस को भंग करने का निर्णय अपने आप में ही संदेह पैदा करता है।
संयुक्त पंजीयक सहकारी सभाएं शिमला की ओर से की गई जांच में एलपीएस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को क्लीन चिट दी गई है। करीब दो माह भंग रहने के बाद लाहौल आलू उत्पादक संघ को फिर बहाल कर दिया गया है।
संघ के चेयरमैन कमल ने संभाला पदभार
लाहौल आलू उत्पादक संघ के चेयरमैन कमल सिंह बोध ने वीरवार अपना पदभार संभाल लिया है। कमल ने कहा कि बिना तथ्यों के आधारहीन आरोप लगा कर कुछ असामाजिक तत्वों ने एशिया के दूसरी सबसे बड़ी सोसायटी को बदनाम करने की कोशिश की थी। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही उच्च स्तरीय जांच में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को क्लीन चिट मिली है।