हालांकि, कुल मुआवजे का 3 प्रतिशत हिस्सा अभी भी आवंटित होना बाकी है क्योंकि संबंधित भू-स्वामियों ने अभी तक अपने बैंक खाते और आवश्यक विवरण जमा नहीं किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस अधिग्रहण से जुड़े विवादों के चलते वर्तमान में 2 मामले दीवानी अदालतों में, 1 मामला हाईकोर्ट में और लगभग 1200 आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) के मामले लंबित हैं। सुनवाई के दौरान एनएचएआई की ओर से अदालत को बताया कि जिन जमीनों का कब्जा अभी तक नहीं मिला है, उनकी पूरी सूची प्रशासन को दे दी गई है। इसमें कुछ धार्मिक स्थल, व्यावसायिक परिसर और अवैध कब्जे वाले क्षेत्र शामिल हैं।मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026को होगी।