हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पालमपुर, चंबा, हमीरपुर, पांवटा साहिब और नूरपुर के अस्पतालों में लगी डायलिसिस मशीनों को हर वक्त काम करने लायक रखने के आदेश दिए। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को समय-समय पर इन मशीनों के रखरखाव को जांचने के आदेश भी दिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से डायलिसिस मशीनों को सुचारु बनाने के प्रयासों पर संतोष जाहिर किया। जनहित में दायर याचिकाओं में यह आरोप लगाया गया था कि इन अस्पतालों में डायलिसिस की मशीनें सुचारु रूप से न चलने के कारण किडनी के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब तलब किया था। राज्य सरकार की ओर से न्यायालय को यह बताया गया कि मशीनों का रखरखाव किया जा रहा है। समय-समय पर इनका निरीक्षण किया जाएगा। इन मशीनों में 31 अगस्त 2018 तक 5330 मरीजों के 25688 सेशन किए जा चुके हैं। प्रदेश में डायलिसिस की मशीनों को दान में भी दिया गया है।