निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें विदाई देने के लिए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में फुल कोर्ट एड्रेस आयोजित किया गया। युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और दृढ़ता के साथ लगातार कड़ी मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है।
निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें विदाई देने के लिए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में फुल कोर्ट एड्रेस आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका जैसी महान संस्था के कारण ही न्यायाधीशों और वकीलों की समाज में पहचान और कमान है। युवा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और दृढ़ता के साथ लगातार कड़ी मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को सलाह दी कि आसान पैसा कमाने के लिए अल्पावधि लाभ के लिए नैतिकता से कभी समझौता न करें।
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उन्होंने उच्च न्यायालय से सटे उद्योग विभाग की सात मंजिला इमारत आवंटित करने के उनके सुझाव को स्वीकार करने के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया, ताकि भविष्य में जगह की कमी की कठिनाई से निपटा जा सके। जस्टिस मोहम्मद रफीक ने अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को धन्यवाद दिया जो जीवन की यात्रा में उनकी शक्ति का स्रोत रहे हैं। इस अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सबीना ने कहा कि इस संस्था के प्रमुख होने के नाते मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक ने हमेशा अपने सहयोगियों और बार सदस्यों दोनों का मार्गदर्शन किया।