कहा कि किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए वर्षा के जल संरक्षण की आवश्यकता है। इससे मिट्टी के बहने पर भी रोक लग सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के लिए अपार संभावनाएं हैं तथा इस दिशा में सभी संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रदेश में केंद्र सरकार की 69 सड़क परियोजनाओं से अब दो से तीन वर्षों में ये कार्य आसानी से पूरे हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों में रूस की विशेषज्ञता की सहायता से आने वाले समय में प्रदेश के लाभान्वित होने की आशा जताई है।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर सहित मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव मनीषा नंदा, स्वास्थ्य सचिव देवेश कुमार, ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय मैत्री (रूस) की उपप्रधान यूलिया इगोरोवा, प्रबंध निदेशक (भारत) संजय कपूर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
बैठक में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने चेकडैम के माध्यम से वर्षा जल संग्रहण पर बल दिया और इसमें सहयोग मांगा, जिससे किसानों और बागवानों की सिंचाई जरूरतों के लिए पानी की आपूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ बागवानी भी अपनाएं।