हिमाचल में सरकारी नौकरी की आड़ में निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की अब खैर नहीं। रामपुर के खनेरी अस्पताल में तैनात डॉक्टर के कारनामे पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य निदेशालय ने पूरे प्रदेश में तैनात सरकारी डॉक्टरों की निगरानी का फैसला लिया है।
इसके लिए टीमों का गठन कर दिया है। सोमवार को स्वास्थ्य निदेशालय में निदेशक डॉ. डीएस गुरुंग ने इस मामले को लेकर बैठक भी ली। उन्होंने सभी जिलों के सीएमओ और एसएमओ को जांच का जिम्मा सौंपा है। निदेशक ने प्रदेश की जनता से भी बेपरवाह हो चुके डॉक्टरों की शिकायत करने की अपील की है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. गुरुंग ने बताया कि कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी अस्पताल में सेवाएं नहीं दे सकता है। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी डॉक्टरों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
सात दिन में आएगी रामपुर मामले की रिपोर्ट- खनेरी अस्पताल में तैनात डॉक्टर के मामले की जांच रिपोर्ट सात दिन के भीतर आएगी। स्वास्थ्य निदेशालय ने तीन सदस्यीय टीम को जांच के लिए शिमला से रामपुर भेजा है। डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।