इनमें एक हेलीकॉप्टर 15 यात्रियों, सामान और उपकरणों को उठाने की क्षमता वाला लेने का निर्णय हुआ। अन्य दो में से एक हेलीकॉप्टर को पांच से छह यात्रियों, सामान और उपकरणों की क्षमता का लेना तय किया गया। एक अन्य को चार से पांच यात्रियों, सामान और उपकरणों को उठाने की क्षमता का लेने का फैसला हुआ।
निविदाएं डीजीसीए से नॉन शेड्यूल्ड आपरेटर परमिट वाली कंपनियों से मांगी गई हैं। हेलीकॉप्टरों की 15 हजार फुट ऊंचाई वाली पहाड़ियों तक सेवाएं देने की क्षमता होनी चाहिए। शर्तें हैं कि जिन हेलीकॉप्टरों को सेवाओं में लगाया जाएगा, उनकी निर्माण तिथि एक साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
अभी एक हेलीकॉप्टर ही दे रहा सेवाएं
अभी सरकार के पास पवन हंस कंपनी का एकमात्र हेलीकॉप्टर है। इसे भी लीज पर लिया है। इसका इस्तेमाल शिमला से चंडीगढ़ के लिए हेली टैक्सी सेवा के लिए भी किया जा रहा है। यही हेलीकॉप्टर वीआईपी ड्यूटी यानी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दौरों में इस्तेमाल होता है। हिमाचल में हेलीकॉप्टरों की जरूरत को देखते हुए आखिर सरकार ने यह फैसला लिया है कि तीन और हेलीकॉप्टर वैट लीजिंग पर लिए जाएंगे।