देश की सीमाओं पर सड़कों का जाल मजबूत होगा। केंद्र सरकार सामरिक महत्व वाली बॉर्डर सड़कों को गंभीरता से ले रही है। केंद्र सरकार ने 100 किलोमीटर तक सड़कों की फॉरेस्ट क्लीयरेंस प्रदेश सरकार को अपने स्तर पर देने की शक्तियां दे दी हैं।
इससे अधिक किलोमीटर वाली फॉरेस्ट क्लीयरेंस सड़कों को ही केंद्र सरकार ने मंजूरी के लिए भेजने को कहा है। हिमाचल में बॉर्डर जाने वाली सड़कों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस के पेंच को भी जल्द निपटाने को कहा है। केंद्र सरकार ने सड़क सीमा संगठन (बीआरओ) की सड़कों के मामलों को लंबित न रखने के निर्देश दिए हैं।
नई सड़क क्लीयरेंस के लिए होगी व्यवस्था
ये व्यवस्था नई सड़कों के लिए है। पूर्व में बीआरओ ने जो क्लीयरेंस के मामले प्रदेश और केंद्र सरकार को भेजे हैं, वे पुराने नियमों के तहत ही क्लीयर होंगे। अब जो सड़क क्लीयरेंस के मामले आएंगे, उनमें 100 किलोमीटर तक की क्लीयरेंस प्रदेश सरकार देगी।
डबल लेन होगी चीन-तिब्बत बार्डर सड़क
चीन-तिब्बत बार्डर सड़क को डबल लेन किया जाना है। इसका काम काफी समय से चल रहा है। कई जगहों पर सड़क डबल लेन की गई है जबकि सड़कों के बीच-बीच में 30 से 40 किलोमीटर तक ऐसे 5 से 6 प्वाइंट हैं, जिन्हें चौड़ा करने में वन विभाग की जमीन आड़े आ रही है। इसमें मनाली से सरचू, पवारी से पूह, संसारी से थांडी, समदो से काजा, दारजा से शिंकुला आदि सड़कें शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने बीआरओ की सड़कों को गंभीरता से लेने को कहा है। 100 किलोमीटर तक फॉरेस्ट क्लीयरेंस वन विभाग देगा। इससे ज्यादा किलोमीटर की सड़क क्लीयरेंस के मामले केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।
-डॉ. बीआरआर सिंह, अतिरिक्त पीसीसीएफ