बैंकों की इसी परेशानी को देखते हुए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) ने सरकार को कानून में संशोधन के लिए पत्र लिखा था। प्रधान सचिव जनजातीय विकास ओंकार शर्मा ने बताया कि समिति के पत्राचार के बाद कानून में संशोधन के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार चल रहा है। संशोधन विधेयक को विधानसभा में पारित कराने के बाद राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
एसएलबीसी के संयोजक व यूको बैंक के महाप्रबंधक विवेक कौल ने बताया कि कानून की वजह से अभी तक बैंक जनजातीय क्षेत्र में लोन नहीं दे पा रहे। जनजातीय क्षेत्र में किसी गैर जनजातीय व्यक्ति को संपत्ति हस्तांतरित नहीं हो सकती।
जबकि बैंक लोन न चुकाने की सूरत में संपत्ति को ऑनलाइन नीलाम करते हैं। चूंकि नीलामी में देशभर से लोग हिस्सा लेते हैं ऐसे में कानून में अगर उचित संशोधन न हुआ तो भी बैंकों को लोन देने में हिचक रहेगी।